नमस्कार दोस्तों, आज हम लेकर आए हैं। एक ऐसे महापुरुष के अनमोल विचार Sant Gadge Baba Quotes in Hindi - संत गाडगे बाबा के अनमोल विचार जिन्होंने देश और समाज में अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से देश और दुनिया को प्रेरित किया और समाज को एक नई दिशा दी। अनेकों कठिनाइयों के बावजुद समाज और देश में फैले कुरीतियों को दूर करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। इनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक माने जाते हैं। तो चलिए आपको इनके विचारों से रूबरू कराते हैं। जिन्हें पढ़कर आप सदा प्रेरणा प्राप्त करेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं।
THIS POST INCLUDES:–
- संत गाडगे बाबा संक्षिप्त परिचय
- संत गाडगे बाबा के अनमोल विचार
- Frequently Asked Questions (FAQS)
- ये भी पढ़ें - अन्य संबंधित सुविचार
संत गाडगे बाबा संक्षिप्त परिचय
- मूल नाम - डेबूजी झिंगराजी जानोरकर
- अन्य नाम - गाडगे महाराज, संत गाडगे महाराज, गाडगे बाबा, संत गाडगे बाबा
- जन्म - 23 फरवरी 1876 शेंडगांव, बरार प्रांत, ब्रिटिश भारत (अब शेंडगांव गांव, अंजनगांव सुरजी तालुका, जिला अमरावती, महाराष्ट्र, भारत)
- माता - पिता - सखुबाई जिंगराजी जानोरकर-जिंगराजी रानोजी जानोरकर
- शिक्षा - औपचारिक शिक्षा ग्रहण करने का अवसर नहीं मिला। स्वाध्याय से थोड़ा बहुत पढ़ना-लिखना सीखा।
- रूचि- धर्म, कीर्तन, नीति
- प्रभाव - रैदास, कबीर, संत तुकाराम, संत ज्ञानेश्वर
- कार्यक्षेत्र - समाजसेवा, समाज सुधारक, शिक्षक, स्वच्छता अभियान के जनक, वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा, हिंसाबंदी, शराबबंदी, अस्पृश्यता निवारण, पशुबलिप्रथा विरोध।
- संस्था - 31 शिक्षण संस्थाएँ, धर्मशालाएँ, चिकित्सालय तथा पशु आश्रय स्थल जैसे 100 संस्थाओं का निर्माण, बाद में इनके देखरेख के लिए सरकार द्वारा ट्रस्ट का गठन
- निधन - 20 दिसम्बर 1956 (आयु 80 वर्ष) वलगाँव, महाराष्ट्र, भारत (अमरावती जाते समय वालगांव के पास पेढ़ी नदी के तट पर)
- पुरस्कार/सम्मान - 1. 2000-01 में संत गाडगे बाबा ग्राम स्वच्छता अभियान परियोजना (महाराष्ट्र सरकार द्वारा), 2. स्वच्छता और जल के लिए एक राष्ट्रीय पुरस्कार (भारत सरकार), 3. नागपुर विश्वविद्यालय को विभाजित कर संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय स्थापित (अमरावती विश्वविद्यालय, महाराष्ट्र) 4. संत गाडगे बाबा स्मारक टिकट 1998 (भारतीय डाक विभाग)
संत गाडगे बाबा के अनमोल विचार
Sant Gadge Baba Quotes in Hindi
- शिक्षा वह है, जो हमें बंधनों से मुक्त करती है, और हमें शांति, एकता और सद्भाव प्रदान करती है।
- अगर पहनने को कपड़े नहीं हैं, तो निर्वस्त्र रहो। अगर खाने के लिए थाली नहीं हैं, तो हथेली पर रखकर खाओ। अगर पैसे नहीं हैं, तो मेहमानों को मत बुलाओ। लेकिन, अपने बच्चों को जरूर पढ़ाओ।
- एक अच्छा काम कभी खोया नहीं जाता।
- मेरी जहां मृत्यु हो जाए, वही मेरा अंतिम संस्कार कर देना। मेरी मूर्ति, स्मारक, समाधि या मंदिर नहीं बनाना, बल्कि मैंने जो कार्य किया है। वही मेरा स्मारक है। उसे कार्य को आगे बढ़ाना।
- किसी को भी आलसी होने का अधिकार नहीं है।
- जिस मूर्ति को हमने बनाई उसे मूर्ति की हम पूजा करते हैं। लेकिन जिस मां-बाप ने हमें जन्म दिया, उस मां-बाप की पूजा हम क्यों नहीं करते हैं?
- देओ और माफ कर दो।
- किसी को भी बिना काम के रहना चाहिए।
- सादा जियो, बड़ा सोचो।
- खुद वो बदलाव बनें, जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।
- अच्छे कर्म करना, एक प्रकार की पूजा है।
- थोड़ी सी दयालुता बहुत आगे तक जाती है।
- भूखे को अन्न (रोटी) दो। प्यासे को पानी पिलाओ। वस्त्रहीन लोगों को वस्त्र दो।
- गरीब बच्चों की शिक्षा में मदद करो, हर गरीब को शिक्षा देने में योगदान दो।
- बेघर लोगों को आसरा दो।
- अंधे, विकलांग, बीमार व्यक्ति की सहायता करो।
- बेरोजगारों को रोजगार दो।
- पशु-पक्षी, मूक प्राणियों को अभयदान दो।
- गरीब, कमजोर लोगों के बच्चों की शादी में मदद करो।
- दु:खी और निराश लोगों को हिम्मत दो। यही सच्चा धर्म है और यही सच्ची ईश्वर भक्ति है।
- कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।
- लोगो में थोड़ा सा प्यार और मोहब्बत ज़रूरी है।
- एक तीर से दो निशाने नहीं बनते।
- जीवन में कभी हार नहीं मनानी चाहिए।
- शुद्ध संसार में सभी का एक समान है।
- अपनी किस्मत खुद ही बनाओ।
- दुनिया में कभी हार नहीं माननी चाहिए।
- हर मुश्किल में एक रास्ता होता है।
- देखा बाबा साहब अंबेडकर अपनी महत्वाकांक्षा से कितना पढ़े? शिक्षा कोई एक वर्ग की ठेकेदारी नहीं है। एक गरीब का बच्चा भी अच्छी शिक्षा लेकर ढेर सारी डिग्री हासिल कर सकता है।
- मानव जाति की सेवा ही ईश्वर की सेवा है।
Frequently Asked Questions (FAQS)
- संत गाडगे बाबा का जन्म कहां हुआ था?
- इनका जन्म 23 फरवरी 1876 को शेंडगांव, बरार प्रांत, ब्रिटिश भारत (अब शेंडगांव गांव, अंजनगांव सुरजी तालुका, जिला अमरावती, महाराष्ट्र, भारत) में हुआ था।
- संत गाडगे बाबा के माता-पिता का क्या नाम था?
- संत गाडगे बाबा के माता-पिता सखुबाई जिंगराजी जानोरकर-जिंगराजी रानोजी जानोरकर थे
- संत गाडगे बाबा ने कौन-कौन से कार्य किए?
- संत गाडगे बाबा समाजसेवा, समाज सुधारक, शिक्षक, स्वच्छता अभियान के जनक, वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा, हिंसाबंदी, शराबबंदी, अस्पृश्यता निवारण, सामाजिक न्याय एवं पशुबलिप्रथा विरोध जैसे कार्य किए।
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